पढाई

पढाई कबसे जूती बन गई ? जिसको पहनकार लगे है लम्बी दौड़ मैं | किसी की फूलती साँस को आराम देने के लिए उसे पानी भी ना पिलाएँ | पढाई हमें सज्जन बनाती हैं हमें जोड़े रखती हैं पर हम तो बेमतलब तोड़ने में लगे हैं ||


Thank you Shrey ma'am for your thoughts.


Edited by Garima ji:

पढ़ाई कबसे जूती बन गई ? जिसको पहनकर, लगे हैं लम्बी दौड़ में किसी की फूलती साँस को, थमकर पानी भी ना पिलाएँ ? पढ़ाई जन को सज्जन बनाती है, हमें जोड़े रखती हैं । पर हम तो तोड़ने में लगे हैं |

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